हैदराबाद निजाम केस में ब्रिटिश अदालत का आदेश, PAK को देना होगा 60 लाख पाउंड का जुर्माना

हैदराबाद के निजाम के फंड मामले में पाकिस्तान को एक और झटका लगा है। ब्रिटेन के हाईकोर्ट के जस्टिस मार्कस स्मिथ ने पाकिस्तान सरकार को 60 लाख पाउंड चुकाने का आदेश दिया है। यह मुकदमे के कानूनी खर्च की भरपाई के लिए होगा।

इस खर्च की भरपाई के लिए हैदराबाद के निजाम के वारिसों ने अदालत में अर्जी दी थी। जस्टिस स्मिथ ने बृहस्पतिवार को आदेश दिया कि यदि कानूनी कार्यवाही में आए खर्च की अंतिम रकम को लेकर दोनों पक्ष किसी करार पर नहीं पहुंच पाते तो पाकिस्तान को कानूनी लड़ाई में आए खर्च का 65 फीसदी चुकाना होगा।

अदालत ने यह फैसला तब लिया जब पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने कहा “वह लंदन हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगा जिसमें हैदराबाद के निजाम के उत्तराधिकारियों को 3.50 करोड़ पाउंड के फंड का मालिकाना हक़ दिया गया था।”

पाकिस्तान को यह धन मुख्य रूप से निजाम के वारिसों मुकर्रम जाह, उनके छोटे भाई मुफक्कम जाह, भारत सरकार और नेटवेस्ट बैंक को देना होगा। पाकिस्तान की लीगल टीम ने द न्यूज संवाददाता से कहा “पाकिस्तान की सरकार ने इस मामले में अपील करने के लिए नहीं कहा था।”

निजाम के वंशजों की ओर से कानूनी जंग लड़ने वाली लॉ फर्म विर्द्स एलएलपी के साझेदार पॉल हेविट्ट ने कहा, हमें खुशी है कि पाकिस्तान ने जस्टिस स्मिथ के फैसले का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है। अब हमारे मुवक्किल प्रिंस मुकर्रम और मुफ्फखम यह रकम पा सकेंगे। हाईकोर्ट के 65 फीसदी कानूनी खर्च भुगतान के आदेश के तहत, भारत को 26 करोड़, प्रिंस मुकर्रम को 7.38 करोड़, उनके भाई मुफ्फखम को 17 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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