मुस्लिम पत्रकार से यूपी पुलिस का दुर्व्यवहार – एक-एक दाढ़ी नोंच लूंगा, अपनी पत्रकारिता…

लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के हो रहे प्रदर्शन के बीच लखनऊ में भड़की हिंसा मामले में हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार शाम ‘द हिंदू’ अखबार के पत्रकार उमर राशिद (Omar Rashid) को हिरासत में ले लिया।

राशिद ने बताया कि वह अपने कुछ पत्रकार दोस्तों के साथ बीजेपी दफ्तर के पास स्थित एक होटल में नाश्‍ता कर रहे थे। उसी वक्त सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों ने कुछ बात करने के लिये उन्‍हें अलग बुलाया और जबरन गाड़ी में बैठा लिया। उमर राशिद ने बताया कि उन्‍होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वह पत्रकार हैं और उन्‍होंने अपना आईडी कार्ड भी दिखाया।

राशिद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया और बदसलूकी की। पुलिसकर्मी उनसे अभद्र भाषा में बात कर रहे थे और उन्होंने कहा कि अपनी पत्रकारिता कहीं और दिखाना, हमें इसकी परवाह नहीं। राशिद ने बताया कि बाद में उन्हें हजरतगंज कोतवाली ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया और उनके साथ लाए गए उनके दोस्‍त रॉबिन वर्मा के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

जब रशीद ने उन्हें इस तरह पुलिस थाने लाए जाने पर सवाल किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत रहने को कहा और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज करने की धमकी भी दी। रशीद के अनुसार, इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें कहा कि वह अपनी पत्रकारिता अपने पास रखें। रशीद की कश्मीरी बैकग्राउंड को लेकर भी पुलिसकर्मियों ने सवाल पूछे।

रशीद ने बताया कि “इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनसे कश्मीरी लोगों के ठिकाने के बारे में सवाल किए और ये भी पूछा कि मैंने कश्मीरी लोगों को कहां छिपाया हुआ है।” एक पुलिसकर्मी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि ‘यदि मैंने उनके सवालों के जवाब नहीं दिए तो वह उनकी एक-एक दाढ़ी को नोंच लेगा।’

रशीद के अनुसार, पुलिस ने उन्हें रात 8.30 बजे तक एक थाने में बिठाकर रखा। जहां हजरतगंज थाने के सर्किल ऑफिसर ने भी उनसे कुछ देर सवाल-जवाब किए। इसके बाद पुलिस स्टेशन को उन्हें छोड़ने की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनसे अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी और इसके बाद उन्हें जाने दिया गया।

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